पंचांगः 14 मार्च, 2013


 आज का पंचांग

विक्रम संवत 2069
शक संवत 1934
मास फाल्गुन
पक्ष शुक्ल पक्ष
तिथि त्रित्या 25.23
नक्षत्र रेवती 13.17
योग ब्रह्म 19.26
करण तैतिल 12.58
सूर्य राशि कुम्भ 17.00
चन्द्र राशि मीन
राहुकाल 14.05- 15:34
अभिजीतमुहूर्त 12:12-12.59
सूर्योदय 06:40
सूर्यास्त 18.31
चंद्रोदय 07.56
तिथि विशेष मीन सक्रांति
शुभ कार्य शिक्षा, भूमि, लकडी़, वाहन, प्रशासनिक, औषधि, आभूषण,धार्मिक कार्य आदि
वर्ज्य दक्षिण, पूर्व तथा नैॠत्य दिशा में यात्रा

Rahukaal On 14 March, 2013


What is Rahukaal?
Rahukal is a period of about 1.5 hours each day that is under the rule of Rahu. This period is considered unlucky for auspicious ventures by many Vedic Astrologers. According their opinion the work started in the Rahukaal will attract misfortune.Time time of Rahukaal depends on the weekday and the Sunrise time of that day. That is why Rahukala will be different all across the globe for any given day. This calculator will give you the actual calculation of the Rahukala for your city.13:55:16 PM To 15:27:7 PM

Chogadia For 14 March, 2013


Chogadia For 14 March, 2013

Start Time End Time Chogadia Details
6:16:0 AM 7:47:51 AM Shubh Auspicious Chogadia
7:47:51 AM 9:19:42 AM Rog Inauspicious Chogadia
9:19:42 AM 10:51:33 AM Udveg Inauspicious Chogadia
10:51:33 AM 12:23:25 AM Chara Auspicious Chogadia
12:23:25 PM 13:55:16 PM Laabh Auspicious Chogadia
13:55:16 PM 15:27:7 PM Amrit Auspicious Chogadia
15:27:7 PM 16:58:58 PM Kaal Inauspicious Chogadia
16:58:58 PM 18:30:50 PM Shubh Auspicious Chogadia
18:30:50 PM 19:58:58 PM Amrit Auspicious Chogadia
19:58:58 PM 21:27:7 PM Chara Auspicious Chogadia
21:27:7 PM 22:55:16 PM Rog Inauspicious Chogadia
22:55:16 PM 24:23:25 PM Kaal Inauspicious Chogadia
0:23:24 AM 1:51:33 AM Laabh Auspicious Chogadia
1:51:33 AM 3:19:42 AM Udveg Inauspicious Chogadia
3:19:42 AM 4:47:51 AM Shubh Auspicious Chogadia
4:47:51 AM 6:15:59 AM Amrit Auspicious Chogadia
For 14 March, 2013, New Delhi

आज की होरा १४ मार्च


Today’s Horas

Start Time End Time Hora Details
6:16:0 AM 7:17:14 AM Jupiter Auspicious work, jobs, business, learning.
7:17:14 AM 8:18:28 AM Mars Agriculture, martial, engineering, adventure.
8:18:28 AM 9:19:42 AM Sun Politics, court, buying-selling, adventure.
9:19:42 AM 10:20:56 AM Venus Love, marriage, ornaments, entertainment, dance.
10:20:56 AM 11:22:10 AM Mercury Trade, medicine, learning, astrology, technology.
11:22:10 AM 12:23:25 AM Moon Property, romance, ornaments, art.
12:23:25 PM 13:24:39 PM Saturn Labor, Iron, Oil.
13:24:39 PM 14:25:53 PM Jupiter Auspicious work, jobs, business, learning.
14:25:53 PM 15:27:7 PM Mars Agriculture, martial, engineering, adventure.
15:27:7 PM 16:28:21 PM Sun Politics, court, buying-selling, adventure.
16:28:21 PM 17:29:35 PM Venus Love, marriage, ornaments, entertainment, dance.
18:30:50 PM 19:29:35 PM Moon Property, romance, ornaments, art.
19:29:35 PM 20:28:21 PM Saturn Labor, Iron, Oil.
20:28:21 PM 21:27:7 PM Jupiter Auspicious work, jobs, business, learning.
21:27:7 PM 22:25:53 PM Mars Agriculture, martial, engineering, adventure.
22:25:53 PM 23:24:39 PM Sun Politics, court, buying-selling, adventure.
23:24:39 PM 24:23:25 PM Venus Love, marriage, ornaments, entertainment, dance.
0:23:25 AM 1:22:10 AM Mercury Trade, medicine, learning, astrology, technology.
1:22:10 AM 2:20:56 AM Moon Property, romance, ornaments, art.
2:20:56 AM 3:19:42 AM Saturn Labor, Iron, Oil.
3:19:42 AM 4:18:28 AM Jupiter Auspicious work, jobs, business, learning.
4:18:28 AM 5:17:14 AM Mars Agriculture, martial, engineering, adventure.
5:17:14 AM 6:15:59 AM Sun Politics, court, buying-selling, adventure.

सरस्वती नदी – एक शोध


पाताल में मिला सरस्वती का पता

कालीबंगा के मिट्टी के टीले खामोश खड़े हैं. अगर लोहे की काली सलाखों वाली बड़ी-सी चारदीवारी में इन्हें करीने से सहेजा न गया हो, तो यह एहसास करना कठिन है कि हम पुरखों की उस जमीन पर खड़े हैं, जहां कभी सरस्वती-सिंधु की नदी घाटी सभ्यता सांस लेती थी. मिट्टी के इन ढूहों के पीछे गेहूं के लहलहाते खेत हैं.

बगल में पुरातत्व विभाग के बोर्ड पर खुदा नक्शा याद दिलाता है कि इन टीलों को घेरकर कभी सरस्वती नदी बहा करती थी और आज उसी के बहाव क्षेत्र में 21वीं सदी की फसल लहलहा रही है. वैसे तो आज भी बरसात के मौसम में यहां से एक छोटी-सी नदी घग्घर कुछ दिन के लिए बहती है, लेकिन उस महानदी के सामने इस बरसाती पोखर की क्या बिसात, जिसकी गोद में कभी दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक फल-फूल रही थी.

ओल्डहैम से आइआइटी तक
तो वह नदी कहां लुप्त हो गई? आज से 120 साल पहले 1893 में यही सवाल एक अंग्रेज इंजीनियर सी.एफ. ओल्डहैम के जेहन में उभरा था, जब वे इस नदी की सूखी घाटी से अपने घोड़े पर सवार होकर गुजरे. तब ओल्डहैम ने पहली परिकल्पना दी कि हो न हो, यह प्राचीन विशाल नदी सरस्वती की घाटी है, जिसमें सतलुज नदी का पानी मिलता था. और जिसे ऋषि-मुनियों ने ऋग्वेद (ऋचा 2.41.16) में ”अम्बी तमे, नदी तमे, देवी तमे सरस्वती” अर्थात् सबसे बड़ी मां, सबसे बड़ी नदी, सबसे बड़ी देवी कहकर पुकारा है. ऋग्वेद में इस भूभाग के वर्णन में पश्चिम में सिंधु और पूर्व में सरस्वती नदी के बीच पांच नदियों झेलम, चिनाब, सतलुज, रावी और व्यास की उपस्थिति का जिक्र है.

ऋग्वेद (ऋचा 7.36.6) में सरस्वती को सिंधु और अन्य नदियों की मां बताया गया है. इस नदी के लुप्त होने को लेकर ओल्डहैम ने विचार दिया कि कुदरत ने करवट बदली और सतलुज के पानी ने सिंधु नदी का रुख कर लिया. बेचारी सरस्वती सूख गई. एक सदी से ज्यादा के वक्त में विज्ञान और तकनीक ने रफ्तार पकड़ी और सरस्वती के स्वरूप को लेकर एक-दूसरे को काटती हुई कई परिकल्पनाएं सामने आईं. इस बारे में अंतिम अध्याय लिखा जाना अभी बाकी है. 1990 के दशक में मिले सैटेलाइट चित्रों से पहली बार उस नदी का मोटा खाका दुनिया के सामने आया. इन नक्शों में करीब 20 किमी चौड़ाई में हिमालय से अरब सागर तक जमीन के अंदर नदी घाटी जैसी आकृति दिखाई देती है.

अब जिज्ञासा यह थी कि कोई नदी इतनी चौड़ाई में तो नहीं बह सकती, तो आखिर उस नदी कासटीक रास्ता और आकार क्या था? और उसके विलुप्त होने की सच्ची कहानी क्या है? इन सवालों के जवाब ढूंढऩे के लिए 2011 के अंत में आइआइटी कानपुर के साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय (वाराणसी) और लंदन के इंपीरियल कॉलेज के विशेषज्ञों ने शोध शुरू किया. ”इस परियोजना में हमने इलेक्ट्रिकल रेसिस्टिविटी साउंडिंग तकनीक का प्रयोग किया.

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आज की होरा १३ मार्च २०१३


Today’s Horas

Start Time End Time Hora Details
6:18:10 AM 7:19:30 AM Mercury Trade, medicine, learning, astrology, technology.
7:19:30 AM 8:20:49 AM Moon Property, romance, ornaments, art.
8:20:49 AM 9:22:10 AM Saturn Labor, Iron, Oil.
9:22:10 AM 10:23:30 AM Jupiter Auspicious work, jobs, business, learning.
10:23:30 AM 11:24:50 AM Mars Agriculture, martial, engineering, adventure.
11:24:50 AM 12:26:9 AM Sun Politics, court, buying-selling, adventure.
12:26:9 PM 13:27:29 PM Venus Love, marriage, ornaments, entertainment, dance.
13:27:29 PM 14:28:50 PM Mercury Trade, medicine, learning, astrology, technology.
14:28:50 PM 15:30:10 PM Moon Property, romance, ornaments, art.
15:30:10 PM 16:31:30 PM Saturn Labor, Iron, Oil.
16:31:30 PM 17:32:49 PM Jupiter Auspicious work, jobs, business, learning.
18:34:9 PM 19:32:49 PM Sun Politics, court, buying-selling, adventure.
19:32:49 PM 20:31:30 PM Venus Love, marriage, ornaments, entertainment, dance.
20:31:30 PM 21:30:10 PM Mercury Trade, medicine, learning, astrology, technology.
21:30:10 PM 22:28:50 PM Moon Property, romance, ornaments, art.
22:28:50 PM 23:27:29 PM Saturn Labor, Iron, Oil.
23:27:29 PM 24:26:9 PM Jupiter Auspicious work, jobs, business, learning.
0:26:9 AM 1:24:50 AM Mars Agriculture, martial, engineering, adventure.
1:24:50 AM 2:23:30 AM Sun Politics, court, buying-selling, adventure.
2:23:30 AM 3:22:9 AM Venus Love, marriage, ornaments, entertainment, dance.
3:22:9 AM 4:20:49 AM Mercury Trade, medicine, learning, astrology, technology.
4:20:49 AM 5:19:30 AM Moon Property, romance, ornaments, art.
5:19:30 AM 6:18:10 AM Saturn Labor, Iron, Oil.

आज का चौघडिया 13 मार्च , 2013


Chogadia For 13 March, 2013

Start Time End Time Chogadia Details
6:18:10 AM 7:50:9 AM Laabh Auspicious Chogadia
7:50:9 AM 9:22:10 AM Amrit Auspicious Chogadia
9:22:10 AM 10:54:10 AM Kaal Inauspicious Chogadia
10:54:10 AM 12:26:9 AM Shubh Auspicious Chogadia
12:26:9 PM 13:58:9 PM Rog Inauspicious Chogadia
13:58:9 PM 15:30:10 PM Udveg Inauspicious Chogadia
15:30:10 PM 17:2:9 PM Chara Auspicious Chogadia
17:2:9 PM 18:34:10 PM Laabh Auspicious Chogadia
18:34:9 PM 20:2:9 PM Udveg Inauspicious Chogadia
20:2:9 PM 21:30:10 PM Shubh Auspicious Chogadia
21:30:10 PM 22:58:9 PM Amrit Auspicious Chogadia
22:58:9 PM 24:26:9 PM Chara Auspicious Chogadia
0:26:9 AM 1:54:10 AM Rog Inauspicious Chogadia
1:54:10 AM 3:22:9 AM Kaal Inauspicious Chogadia
3:22:9 AM 4:50:9 AM Laabh Auspicious Chogadia
4:50:9 AM 6:18:10 AM Udveg Inauspicious Chogadia

13 मार्च, 2013आज का पंचांग


 13 मार्च, 2013आज का पंचांग

वक्रम संवत 2069
शक संवत 1934
मास फाल्गुन
पक्ष शुक्ल पक्ष
तिथि प्रतिपदा 24.43
नक्षत्र पूर्व भाद्रपद 12.03
योग शुभ 21.21
करण बव 24.43
सूर्य राशि कुम्भ
चन्द्र राशि मीन
राहुकाल 15.33- 17.02
अभिजीतमुहूर्त 12.13- 13.00
सूर्योदय 06.42
सूर्यास्त 18.31
चंद्रोदय ——————-
तिथि विशेष —————
शुभ कार्य शक्ति, अग्नि, बिजली, खेलकूद-रक्षा सामग्री, सोना चाँदी आदि धातुओं में क्रय- विक्रय
वर्ज्य पश्चिम, उत्तर तथा वायव्य दिशा में यात्रा

वास्तुदोष मुक्त कार्यालय खूब धन -सम्पदा देते हैं


सेहत का साधन से गहरा रिश्ता है। साधन का अभाव हो तो घर में बहस और तनाव की स्थिति पैदा होती है, जिससे अंतत: सेहत ही प्रभावित होती है। इसलिए अपने आय के स्नोत को दुरुस्त रखना जरूरी है। तो फिर क्यों न अपने आय के स्नोत यानी अपने कार्यस्थल के वास्तुदोष को दूर किया जाए, ताकि अच्छी आमदनी हो और सब कुछ ठीक रहे।
व्यावसायिक स्थल वास्तुशास्त्र के अनुसार नहीं है तो उसे ठीक कराएं। अगर सुधार संभव न हो तो ऐसे स्थल को त्याग देने में ही भलाई है। बहुमंजिली इमारतों के निर्माण में अधिकांश वास्तु-सिद्धांतों का अनुसरण करना मुश्किल होता है, फिर भी यदि निर्माण वास्तु सम्मत किया जाता है तो न सिर्फ भू-स्वामी को ऐसी इमारत से अधिकाधिक अर्थ लाभ होता है, बल्कि इमारत में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले उद्योगपतियों को भी पूरा लाभ होता है।
1:1 और 1:2 के आकार के आयताकार भूखंड व्यावसायिक प्रयोजन के लिए सर्वोचित रहते हैं। ऐसे भूखंड पर व्यावसायिक उद्देश्य से किया गया निर्माण कार्य न सिर्फ भू-स्वामी को लाभ देता है, बल्कि उक्त इमारत में बिजनेस संचालित करने वाले व्यवसायियों को भी लाभान्वित करता है। http://www.astroswami.in

ज्योतिष-और-रोग/ Astrology and Diseases


पृथ्वी लोक जिसे शास्त्रों में मृत्यु लोक भी कहतें हैं इस मृत्यु लोक में देवता भी जन्म लेने के लिए लालयित रहते केवल यही लोक कर्मों का फल देता है इसलिए जब मानव इस लोक में जन्म लेता हैं तो उसे यह स्वीकार करने में कोई भी झिझक नहीं होनी चहिये की वह अपने पिछले जन्मों का फल भुगतने के लिए यंहा आया है चाहे वह कर्म अच्छे हो या फिर बुरे, किसी भी व्यक्ति की जन्मपत्रिका उसके पूर्वजन्मों का का मानचित्र होता है जिसे कोई भी विद्धवान आचार्य बहुत ही सरलता से उसके रोगों की विवेचना कर सकता है वैसे तो मनुष्य जीवन कष्टों का पिटारा है, मगर शरीर ही रोगी हो जाए, तो उससे बडा कष्ट कोई नहीं हो सकता। अर्थात जीवन का रोग महाकष्ट है। इससे मुक्त होने के लिए ओषधि लेना ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इसके मूल में ज्योतिष भी एक महत्वपूर्ण साधन है। ज्योतिषी केवल रोग के मूल कारण को ही नहीं पकडता अपितु इसकी प्रकृति, रोग स्थान का पूर्व में ही पता लगा लेता है, क्योंकि हर व्यक्ति का जीवन प्रकृति के विभिन्न कारकों और तत्वों से प्रभावित रहता है, और उनमें उसके जन्म के साथ जुडे ग्रह-नक्षत्र महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। हम यहां बता रहे हैं कि आपके जन्म के समय के लग्न की आपके जीवन में कितनी महत्ता है- जब हम किसी जन्मपत्रिका का निरूपण करते हैं तो कुछ कमियों को अनदेखा कर देते हैं।

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